About Umaria

जिले का इतिहास

भारत की हृदयस्थली मध्यप्रदेष के उत्तर-पूर्व में उमरार नदी के तट पर बसा उमरिया जिला वर्ष 1998 में मध्य प्रदेष के मानचित्र पर जिला इकाई के रूप् में अस्तित्व में आया है। इसके पूर्व जिला शहडोल की बांधवगढ़ तहसील के नाम से जाना जाता था।
जिला उमरिया का नामकरण उमरार नदी के नाम पर हुआ। यह जिला राष्ट्रीय व अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बाॅंधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान एवं पनपथा अभ्यारण्य व मंगठार स्थित संजय गांधी ताप विद्युत परियोजना के कारण भी जाना जाता है। जिले की भौगोलिक सीमा पूर्व में शहडोल, पष्चिम में कटनी, उत्तर में सतना तथा दक्षिण में डिण्डौरी, पूर्व-दक्षिण में अनूपपुर, दक्षिण-पष्चिम में जबलपुर जिले से लगी हुई है। जिले की कुल जनसंख्या 6,44,758 है तथा कुल क्षेत्रफल 5611 वर्ग कि.मी. है, जिसमें 42 प्रतिषत भू-भाग पर वनाच्छादितहै। जिले की पाली स्थित माॅं विरासनी देवी मंदिर अत्यन्त प्राचीन एवं सिद्ध पीठ स्थान है।
जिले में एस.ई.सी.एल. की 09 कोयला खदानें, संजय गांधी ताप विद्युत परियोजना तथा बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान होने से कानून व्यवस्था की स्थिति सदैव बनी रहतीहै।